LIVE UPDATE

IAS Saumya Sharma; 16 साल में खोई सुनने की क्षमता, फिर भी नहीं टूटा हौसला; 4 महीने में UPSC क्रैक कर IAS बनीं सौम्या शर्मा, AIR 9 हासिल की

नई दिल्ली। UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। लाखों अभ्यर्थी हर साल इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिलती है। ऐसे में IAS अधिकारी सौम्या शर्मा की कहानी उन युवाओं के लिए मिसाल है, जो मुश्किल परिस्थितियों के सामने अपने सपनों को छोड़ देते हैं।

सौम्या ने महज चार महीने की तैयारी में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने पहले प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया। उनकी कहानी इसलिए और खास है क्योंकि महज 16 साल की उम्र में उन्होंने सुनने की क्षमता खो दी थी।

ये खबर भी पढ़ें…
पटना में खड़गे का बयान, छत्तीसगढ़ में साय का पलटवार; माफी की मांग से गरमाई राजनीति
पटना में खड़गे का बयान, छत्तीसगढ़ में साय का पलटवार; माफी की मांग से गरमाई राजनीति
October 26, 2026
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पटना में की गई टिप्पणी पर सियासी विवाद तेज...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

16 साल की उम्र में जिंदगी ने लिया बड़ा मोड़

सौम्या शर्मा मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उनके माता-पिता अशोक शर्मा और लीना शर्मा डॉक्टर हैं। पढ़ाई के माहौल वाले परिवार में पली-बढ़ीं सौम्या ने स्कूली शिक्षा के बाद नेशनल लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई की।

लेकिन उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव तब आया, जब महज 16 साल की उम्र में उन्होंने सुनने की क्षमता खो दी। यह किसी भी किशोर के लिए बेहद कठिन परिस्थिति हो सकती थी, लेकिन सौम्या ने इसे अपने सपनों के रास्ते की दीवार नहीं बनने दिया। उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और आगे चलकर देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक UPSC को अपना लक्ष्य बनाया।

ये खबर भी पढ़ें…
DA Hike 2026: कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी…सरकार ने 3 परसेंट DA बढ़ोतरी का किया ऐलान, जानिए….
DA Hike 2026: कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी…सरकार ने 3 परसेंट DA बढ़ोतरी का किया ऐलान, जानिए….
October 28, 2026
नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज है।...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

सिर्फ 4 महीने पढ़ाई और हासिल कर ली AIR 9

सौम्या ने वर्ष 2017 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा देने का फैसला किया। उनके पास तैयारी के लिए लंबा समय नहीं था। उन्होंने करीब चार महीने तक तैयारी की और घर पर रोजाना लगभग 10 से 15 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया और कम समय में अधिक से अधिक पाठ्यक्रम पूरा करने की रणनीति अपनाई। मेहनत रंग लाई और पहले ही प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल कर ली।

परीक्षा के दौरान तबीयत बिगड़ी, फिर भी नहीं रुकीं

सौम्या की चुनौती सिर्फ सुनने की क्षमता खोने तक सीमित नहीं थी। UPSC मुख्य परीक्षा के दौरान उनकी तबीयत भी काफी खराब हो गई थी। एक दिन उनकी हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें दिन में तीन बार सलाइन चढ़ानी पड़ी। इसके बावजूद उन्होंने परीक्षा और अपने लक्ष्य से कदम पीछे नहीं खींचे।

ये खबर भी पढ़ें…
अर्नब तूफान के बाद केंद्र अलर्ट: अमित शाह ने 4 राज्यों के CM से की बात, राहत-बचाव में जुटीं टीमें
अर्नब तूफान के बाद केंद्र अलर्ट: अमित शाह ने 4 राज्यों के CM से की बात, राहत-बचाव में जुटीं टीमें
October 29, 2026
रायपुर, 29 अक्टूबर 2026। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बिगड़े मौसम और राहत-बचाव की...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

उन्होंने अपनी परिस्थितियों को खुद पर हावी नहीं होने दिया और आखिरकार देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की।

सौम्या ने बताया सफलता का मंत्र

सौम्या के मुताबिक UPSC की तैयारी में निरंतर मेहनत और सेल्फ स्टडी बेहद महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि अगर किसी अभ्यर्थी को खुद पढ़ाई करके परीक्षा पास करने का भरोसा है, तो उसके लिए कोचिंग अनिवार्य नहीं है। हालांकि, जिन अभ्यर्थियों को दिशा और मार्गदर्शन की जरूरत महसूस होती है, वे कोचिंग की मदद ले सकते हैं।

मुश्किलें आईं, लेकिन मंजिल नहीं बदली

सौम्या शर्मा की कहानी सिर्फ UPSC में मिली सफलता की कहानी नहीं है। यह उस जिद और आत्मविश्वास की कहानी है, जिसमें शारीरिक चुनौती, कम समय और परीक्षा के दौरान खराब स्वास्थ्य भी लक्ष्य के सामने छोटे पड़ गए।

16 साल की उम्र में सुनने की क्षमता खोने से लेकर महज चार महीने की तैयारी में UPSC में AIR 9 हासिल करने तक का उनका सफर बताता है कि परिस्थितियां कितनी भी मुश्किल क्यों न हों, मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार मेहनत के दम पर मंजिल हासिल की जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *